amla ki kheti

25 December 2023 0 Comments

amla ki kheti kaise karen (आंवले की खेती कैसे करें) 
 
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amla ki kheti kaise karen

Amla Ki Kheti :

 

आँवला, जिसे अंग्रेज़ी में “Indian Gooseberry” कहा जाता है, एक फल है जो भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम “Phyllanthus emblica” है। यह फल एक सुपरफूड के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसमें विभिन्न पोषण तत्व और औषधीय गुण होते हैं।

आँवला का स्वाद खट्टा होता है और यह ताजगी भरा होता है। इसमें विटामिन C, ए, बी-कॉम्प्लेक्स, फाइबर, और अन्य कई पोषण तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर के लिए फायदेमंद होता है और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, जैसे कि इम्यून सिस्टम को मजबूत करना, त्वचा को स्वस्थ रखना, वजन को नियंत्रित करना, और विभिन्न रोगों से बचाव करना।

आँवला का सेवन ताजगी और स्वस्थ जीवनशैली के लिए उत्तम हो सकता है, और इसे स्वास्थ्य से जुड़े संबंधित उपायों में शामिल किया जा सकता है। Amla ki kheti

मिट्टी :

 

आंवले की खेती के लिए अच्छी मिट्टी का चयन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पौधों की सही विकास और उत्पादकता पर प्रभाव डाल सकता है। 

सोया मिट्टी (Loamy Soil) : आंवले के पौधों के लिए यह मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। इसमें ठंडक संज्ञान में रखती है और अच्छे संवेगशीलता और फलों की बढ़ती उत्पादकता के लिए उपयुक्त है।

वेल ड्रेन्ड मिट्टी (Well-Drained Soil) : आंवले पौधों को पानी की स्थिति से बचाने के लिए मिट्टी को अच्छे से ड्रेन होने वाली होनी चाहिए।

मिट्टी का pH : आंवले के पौधों के लिए मिट्टी का pH स्तर 5.5 से 7.0 के बीच होना चाहिए।

उच्च उर्वरक स्तर (High Fertility) : अच्छी आंवले की खेती के लिए मिट्टी का उच्च उर्वरक स्तर महत्वपूर्ण है। आप खाद्यानुसार और पौष्टिकता से भरपूर कम्पोस्ट और उर्वरकों का सही समन्वय बनाए रख सकते हैं।

सूर्यप्रकाश (Sunlight) : आंवले पूर्ण सूर्यप्रकाश की आवश्यकता है, इसलिए आपको इसे सुनने वाले स्थान पर ही उगाना चाहिए।

पानी की आपूर्ति (Water Supply) : आंवले पौधों को नियमित और पर्याप्त पानी की आपूर्ति की आवश्यकता है, लेकिन स्टैंडिंग वाटर से बचने के लिए उच्च ड्रेनेज सुनिश्चित करें।

इन सभी तत्वों को ध्यान में रखकर, आप अच्छी आंवले की खेती कर सकते हैं। आप स्थानीय कृषि विशेषज्ञों या कृषि विभाग से भी सलाह ले सकते हैं ताकि आपको विशेषज्ञ जानकारी मिले और आपकी खेती सफल हो। Amla ki kheti

बिजाई :

 

आंवले की बुआई या बिजाई को सही तरीके से करना महत्वपूर्ण है ताकि पौधों को अच्छी शुरुआत मिले और उन्हें अच्छे से उगाया जा सके। यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको बीजाई के दौरान ध्यान में रखनी चाहिए Amla ki kheti

बीज चयन (Seed Selection) : अच्छी खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित बीजों का चयन करें। आप उस स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं जो आपके क्षेत्र में सही बीज और उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है।

बीजाई का समय (Sowing Time) : आंवले की खेती के लिए सही बीजाई का समय महत्वपूर्ण है। यह आमतौर पर बर्फीले सीज़न के बाद आता है।

बीजों की तैयारी (Seed Preparation) : बीजों को अच्छी तैयारी करने के लिए, उन्हें अच्छे से धोकर सुखा लें। यदि आपके क्षेत्र में बीमारियों की संभावना है, तो बीजों को किसी फंगीसाइड के साथ भी अच्छे से मिला दें।

बीजों की गहराई (Sowing Depth) : बीजों को सही गहराई में बोना जाना चाहिए। आंवले के बीजों की सामान्यत: 1 से 2 सेंटीमीटर की गहराई में बोई जाती है।

बूंटी की दूरी (Row Spacing) : पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए सही बूंटी की दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। यह आंवले के पौधों के बीच 5-6 फीट की दूरी को शामिल कर सकता है।

बिजाई का तरीका (Sowing Method) : बीजों को सीधे रेखाएं बनाकर या छिद्रांकन विधि का इस्तेमाल करके बोए जा सकता है।

सिंचाई : Amla ki kheti

 
गर्मीयो में सिंचाई 17 से 18 दिन की फसल में सिंचाई करें व सर्दीयो में अक्तूबर दिसंबर के महीने में हर रोज़ चपला सिंचाई द्वारा 15 से 20 लीटर पानी दे  मानसून के टाइम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती।फूल निकलने के टाइम सिंचाई ना करें 

फसल की कटाई : 

 
 बिजाई के 8-10 साल बाद पौधे पैदावार देने लग जाता है। जब इसका फल हरा हो जाए तो उसमें विटामिन c की मात्रा ज़्यादा होती है।तो एसके फल की तुड़ाई कर देनी चाहिए। फल की तुड़ाई पौधों को ज़ोर ज़ोर से हिलाकर की जाती है। तथा फल जब हरे व हल्के पीले हो जाए तो उनका उपयोग बीजों के लिए किया जाता है।

कटाई के बाद :

 
फल की तुड़ाई कि बाद छँटाई करनी ज़रूरी है। फिर उसके बाद में इनको लकड़ी व बक्सों में इनको पैक किया जाता है। फलो को अच्छी तरह से पैक करना चाहिए ताकि फल ख़राब न हों।जल्दी से जल्दी बाज़ार में भेज देना चाहिए।इनके फलो से अलग अलग तरह के प्रोडक्ट भी बनाए जाते है। Amla ki kheti

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