संतरे की खेती कैसे करें | Santre ki kheti

29 December 2023 0 Comments

संतरे की खेती 

 
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संतरे की खेती

संतरा :  संतरे की खेती 

 

संतरा एक प्रमुख फल है जो संतरा पेड़ों से प्राप्त होता है। यह फल गर्मी के मौसम में प्रमुख रूप से उपलब्ध होता है और इसमें विटामिन सी, फाइबर, और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतरा एक स्वादिष्ट और सुपाच्य फल होता है जिसे आमतौर पर स्वाद के लिए खाया जाता है।

संतरा विभिन्न प्रकारों में खाया जा सकता है, जैसे कि सादा संतरा, संतरा जूस, और संतरा चटनी। इसका सेवन विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के लिए फायदेमंद है, जैसे कि इम्यून सिस्टम को मजबूत करना, वजन नियंत्रित रखना, और प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ावा देना। संतरे की खेती

संतरे की किस्म : 

 
संतरे की उन्नत किस्में कई प्रकार की होती हैं, जो विभिन्न विशेषताओं और उत्पादकता के माध्यम से पहचानी जा सकती हैं। 
 
नागपुर संतरा (Nagpur Orange) : नागपुर संतरा भारतीय बाजार में अत्यंत लोकप्रिय है। इसका स्वाद मीठा और रसीला होता है और यह उत्तर भारत के क्षेत्रों में विकसित होता है।
 
किन्नौर संतरा (Kinnow Orange) : यह एक नारंगी है जो भारत के किन्नौर जिले में पाया जाता है और इसका विशेषता स्वाद और जूसीता है।
 
सांदलवुड न्यूनतमी (Sathgudi Sweet Lime) : यह एक स्वीट लाइम की किस्म है जो भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में प्रचलित है। इसका मीठा स्वाद और उच्च गुणवत्ता के लिए पहचाना जाता है।
 
वलेंसिया ऑरेंज (Valencia Orange) : यह एक प्रमुख ऑरेंज किस्म है जो विभिन्न भूभागों में विकसित होती है और इसका रस अत्यंत स्वादिष्ट होता है।
 
संतरा किन्नौर (Santa Kinnow) : यह एक और उत्कृष्ट भारतीय संतरा है जिसमें स्वाद और जूसी गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्टता है। संतरे की खेती
 

 मिट्टी :

 

संतरे के लिए हर मिट्टी सही मानी जाती है।मिट्टी का पीएच 4.7 से 7.7 उचित माना जाता है।इसके लिए बढ़िया पानी वाली मिट्टी सही मानी जाती है।इसकी सफलतम खेती के लिए अवमृदा कंकरीली पथरीली व कठोर नहीं होनी चाहिए। संतरे की खेती

सिंचाई :

 

संतरे की खेती में सिंचाई एक क्रियाशील और महत्वपूर्ण आधारभूत प्रक्रिया है। संतरा गर्मी के मौसम में विकसित होने वाला एक प्रमुख फल है और इसके पौधों को सही समय पर सही मात्रा में पानी प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही सिंचाई से निर्मित संतरे विकसित होते हैं और उनमें उच्च गुणवत्ता की सुनिश्चित होती है। अच्छी सिंचाई से नुकसानकारी कीटाणुओं और बीमारियों का सामना करना भी संभावनाओं को कम करता है। सिंचाई के लिए सूचना, जल संसाधनों का सही उपयोग, और सूचना तकनीकियों का उपयोग करना, संतरे की खेती में उत्कृष्टता की दिशा में कदम उठाने में मदद कर सकता है। संतरे की खेती

फलो का गिरना :

 
संतरे की खेती में फलों का गिरना एक महत्वपूर्ण प्रबंधन का मुद्दा है जिसे किसानों को तत्परता से सोचना चाहिए। फलों का गिरना संतरे की उच्च गुणवत्ता वाली पैदावार को प्रभावित कर सकता है और उपज को कम कर सकता है। इसकी वजह से कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि बीमारियों, कीट प्रबंधन की कमी, या सही सिंचाई की कमी। किसानों को उचित रूप से फसल की देखभाल करने, उपयुक्त पोषण प्रदान करने, और सही समय पर सिंचाई करने के लिए सतर्क रहना चाहिए। संतरे की खेती में उत्कृष्टता को बनाए रखने के लिए सही प्रबंधन और सावधानी से फलों का गिरना को कम किया जा सकता है, जिससे किसान अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं। संतरे की खेती

खाद :

 

संतरे की खेती में उचित खाद का प्रबंधन एक कुशल किसान के लिए महत्वपूर्ण है। खाद का सही समय पर और सही मात्रा में प्रदान करना पौधों की स्वस्थ विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। संतरों को विकसित करने के लिए मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, फॉस्फेट, और पोटाश जैसे पोषण तत्वों की आवश्यकता होती है। इसके लिए, जीवाश्म, खाद्य अपशिष्ट, और जैविक खादों का प्रयोग किया जा सकता है, जो पौधों को सही रूप से पोषित करने में मदद करते हैं। सुझाव दिया जाता है कि किसानों को भूमि के परीक्षण के आधार पर खाद की आवश्यकता को निर्धारित करना चाहिए ताकि वे अपनी खेती के लिए उपयुक्त और समर्थनपूर्ण खाद का चयन कर सकें। संतरे की खेती

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