धनिये की खेती कैसे करें ( Dhaniya ki kheti )

20 December 2023 0 Comments

Dhaniya ki kheti

धनिया एक पौधा है जिसके पत्तियाँ और बीजों का उपयोग खाद्य, औषधि, और रंगों के लिए होता है। धनिया का वनस्पति नाम Coriandrum sativum है और इसे हिंदी में “धनिया” कहा जाता है। यह एक सुगंधित पौधा है जिसका स्वाद खुशबूदार और तीखा होता है।

 

धनिया के पत्तियाँ ताजगी और स्वाद बढ़ाने के लिए खाने में उपयोग होती हैं, और इसके बीजों को सुखाकर धनिया पाउडर बनाया जाता है, जो विभिन्न व्यंजनों में मसाला के रूप में इस्तेमाल होता है। धनिया के बीजों को धनिया पत्ती, धनिया सीड, या धनिया दाना के नाम से भी जाना जाता है।

धनिया का उपयोग भारतीय, मेक्सिकन, थाई, चाइनीज, और अन्य विभिन्न भोजनों में होता है। इसके अलावा, इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। धनिया का प्रयोग दांतों की समस्याओं, पाचन संबंधित समस्याओं, और अन्य रोगों के उपचार में भी किया जाता है। 

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Dhaniya ki kheti

बीज की मात्रा : (Dhaniya ki kheti)

बिजाई के लिए धनिया बीजों की सही मात्रा विभिन्न कारणों और विशेषाधिकारों के आधार पर भिन्न हो सकती है। बीजाई के लिए धनिया बीजों की उपयुक्त मात्रा को धानी बोने जा रहे खेत की आकार, धनिया की प्रजाति, और बोने जा रहे भूमि के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

सामान्यत : खेत की साइज़ और बोने जाने वाले धनिया के प्रजाति के आधार पर हर एक किलोमीटर आवश्यक बीजों की मात्रा में अंतर हो सकता है।

सामान्यत: लगभग 8-10 किलोग्राम धनिया बीज प्रति हेक्टेयर के लिए एक सामान्य मात्रा हो सकती है।

धनिया बोने जाने वाले भूमि की दशा, बर्फबारी और पानी की उपलब्धता, और स्थानीय उपजों की मांग इन निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, धनिया के बीजों की सही मात्रा के लिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेना सर्वोत्तम होता है।

खाद (Fertilizers) : (Dhaniya ki kheti)

 
न्यूट्रिएंट्स : खाद मुख्यत: नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), और पोटाश (K) के रूप में तीन मुख्य न्यूट्रिएंट्स प्रदान करती है। नाइट्रोजन पौधों के वृद्धि और हरितता के लिए महत्वपूर्ण है।
फॉस्फोरस मूलतः बीजनिर्माण और पौधों के सजीव उत्पन्नता के लिए आवश्यक है।
पोटाश पौधों की मजबूती और संरक्षण के लिए आवश्यक है।
 
ऑर्गेनिक खाद : खाद का उपयोग केवल अन्न उत्पन्न करने के लिए ही नहीं किया जा सकता, बल्कि यह मृदा को स्वस्थ और जीवंत बनाए रखने के लिए भी कारगर होता है।
कच्चे खाद, गोबर, खाद्य सागर आदि ऑर्गेनिक खाद के उदाहरण हैं।
 
उर्वरक (Manure) :
 
कम्पोस्ट : कम्पोस्ट पौधों को सुझावित न्यूट्रिएंट्स के साथ पौष्टिक बनाने के लिए कच्चे सामग्री का संश्लेषण होता है।
यह मृदा को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है और पौधों की सुरक्षा बढ़ाता है।
 
गोबर खाद : गोबर खाद गाय के गोबर का उपयोग करके तैयार किया जाता है और यह पौधों को ऊर्जा प्रदान करता है।
यह मृदा को शांत, फुलवारी, और फलदायक बनाए रखता है।
 
कंपोस्ट खाद : कंपोस्ट खाद रसायनों और कीटाणुनाशकों से मुक्त होती है और यह पौधों को प्राकृतिक रूप से पोषित करती है।Dhaniya ki kheti

सिंचाई (Irrigation) :

 
सिंचाई (Irrigation) एक महत्वपूर्ण कृषि प्रक्रिया है जिसमें पौधों को पानी प्रदान किया जाता है ताकि वे सही मात्रा में पानी और ऊर्जा प्राप्त कर सकें। सिंचाई का सही और समर्थनय तरीके से किया जाना, विकसीत क्षेत्रों में फसलों की उत्पादकता को बढ़ा सकता है।

 

कुछ महत्वपूर्ण बातें :

1. सिंचाई को ठंडे पानी से करना फसलों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
2. उचित सिंचाई के लिए तापमान, जलवायु, और पौधों की आवश्यकता का ध्यान रखें।
3. उपयुक्त सिंचाई सुरक्षित और सही मात्रा में पानी प्रदान करती है, जिससे पौधों की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
4. सही सिंचाई प्रणाली का चयन किया जाना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि पौधों को सही समय पर सही मात्रा में पानी मिले और उनकी ऊर्जा और पोषण की आवश्यकताएं पूरी हो सकें।Dhaniya ki kheti

कटाई ( Harvesting ) :

 
धनिया कटाई कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे धनिया की पूरी होने वाली पौधों से उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक और स्वास्थ्यकर उपज हासिल की जाती है। धनिया को उच्च रेट में बेचने के लिए धनिया के पत्तियों और बीजों की गुणवत्ता का ख्याल रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 
धनिया कटाई के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश:
 
समय : धनिया की कटाई का समय अहम है। धनिया की कटाई को उचित समय पर करना चाहिए, जब पूरी तरह से पुष्ट हो गई हो और समय पर की जा सके।
 
प्राकृतिक सुझाव : स्थानीय मौसम, जलवायु, और वृक्षारोपण की अच्छी प्रथा के अनुसार धनिया कटाई का समय चुनें।
 
कुशल श्रमिकों का चयन : कटाई के लिए निपुण और अनुभवी श्रमिकों का चयन करें, ताकि धनिया की पूरी तरह से और बिना किसी हानि के कटाई जा सके।
 
साफ-सुथरी कार्य प्रणाली : कटाई के समय एक साफ और सुथरा कार्य प्रणाली का पालन करें ताकि पौधों को किसी प्रकार का क्षति न हो।
 
उपयुक्त उपकरणों का उपयोग : धनिया की कटाई के लिए उपयुक्त और नवीनतम उपकरणों का उपयोग करें ताकि कटाई सुरक्षित और अनुकूल हो।
 
ध्यानपूर्वक स्टोरेज : कटाई के बाद, धनिया को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर ढंग से स्टोर करें ताकि उसकी गुणवत्ता बन.   

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